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डिलीवरी के बाद समय पर पीरियडà¥à¤¸ लाने के लिठघरेलू उपाय (Home Remedies to Get Periods After Delivery in Hindi)
महिला जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है तो उसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नौ महीने तक मासिक सà¥à¤°à¤¾à¤µ नहीं होता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिला के शरीर में बहà¥à¤¤ से हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होते हैं। इसी वजह से अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद पीरियड आने के बारे महिला आशंका से à¤à¤°à¥€ होती है, वो अकà¥à¤¸à¤° सोचती हैं कि डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है? बेबीचकà¥à¤°à¤¾ के इस लेख में जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद पीरियड कैसे आते हैं और देर से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आते हैं। साथ ही हम à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपाय à¤à¥€ लाठहैं जिनको अपनाकर आप पीरियड समय पर ला सकते हैं।
डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है (Delivery ke Baad Period Kab Aata Hai)
यदि आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करा रही हैं, तो पीरियड आमतौर पर जनà¥à¤® देने के लगà¤à¤— छह से आठसपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद वापस आ जाता है। यदि आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, तो मासिक धरà¥à¤® वापस आने का सब महिलाओं का समय अलग-अलग हो सकता है। जो महिलाà¤à¤‚ अपने शिशॠको केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, हो सकता है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तब तक पीरियड न आठजब तक वो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा रहीं हों। लेकिन कà¥à¤› महिलाओं को पीरियड कà¥à¤› महीनों के बाद वापस आ सकता है चाहे à¤à¤²à¥‡ ही वो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा रहीं हों या नहीं।
डिलीवरी के बाद आने वाला पहला मासिक धरà¥à¤® (First Period After Delivery in Hindi)
अà¤à¥€ आपने जाना कि डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है, अब सवाल ये उठता है कि डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद होने वाला रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ पीरियड होता है या नहीं? इसका जवाब है नहीं, डिलीवरी के बाद होने वाले बà¥à¤²à¤¡ डिसचारà¥à¤œ को लोचिया (Lochia) कहते हैं। इसमें मासिक धरà¥à¤® सà¥à¤°à¤¾à¤µ जैसी गंध होती है और यह 15 से 30 दिन तक चलता रहता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पहले 3 दिनों के लिठलोचिया (Lochia) का रंग गहरा लाल होता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिलाओं को पीरियड देर से कà¥à¤¯à¥‚ठआता है (Why Do Women Get Their Periods Late After Delivery in Hindi)
आमतौर पर, जो महिलाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, उनके शरीर के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कारण उनके पीरियडà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ नहीं आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨, सà¥à¤¤à¤¨ के दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ है। यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को दबा देता है। नतीजतन, आपकी ओवरीज अंडे का उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ नहीं करती हैं यानि ओवà¥à¤²à¥à¤¯à¥à¤¶à¤¨ बाधित हो जाता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बिना, आपको मासिक धरà¥à¤® नहीं आता है। डिलीवरी के बाद पीरियडà¥à¤¸ इसीलिठलेट आते हैं।
डिलीवरी के बाद पीरियड लाने के घरेलू उपाय ( Home Remedies to Get Period After Delivery in Hindi )
अगर डिलीवरी के बाद आपको पीरियडà¥à¤¸ नहीं आ रहे हैं तो हो सकता है इसका कारण आपका वजन हो। वजन बढ़ना यानी कि पीरियड का समय पर नहीं आना। अगर वजन बहà¥à¤¤ तेजी से बढ़ता है तो à¤à¥€ पीरियड में à¤à¥€ देरी होती है। इसलिठसबसे पहले अपने वजन पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करे। इसके अलावा डिलीवरी के बाद पीरियड लाने के उपाय हम नीचे बता रहे हैं –
1. हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन
à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ उबालें और दिन में दो बार इसका सेवन करने से आपके पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¤‚गे। हलà¥à¤¦à¥€ सूजन से लड़ने में कारगर होती है और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को बैलेंस रखने में मदद करती है।
2. खजूर
खजूर शरीर में गरà¥à¤®à¥€ पैदा करने के लिठजाना जाता है। डिलीवरी के बाद पीरियडà¥à¤¸ लाने के लिठपà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में खजूर खाà¤à¤‚। इससे ऊरà¥à¤œà¤¾ à¤à¥€ मिलती है।
3. कदà¥à¤¦à¥‚ और कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज
कदà¥à¤¦à¥‚ में मौजूद कैरोटीन पीरियडà¥à¤¸ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने में à¤à¤• बेहतरीन ततà¥à¤µ माना जाता है। अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में आपको कदà¥à¤¦à¥‚ की सबà¥à¤œà¥€ और सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ में कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज अनà¥à¤¯ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ के साथ शामिल कर सकती हैं।
4. सैलà¥à¤®à¤¨ मछली
सैलà¥à¤®à¤¨ में आपके हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखने के गà¥à¤£ होते हैं, इसलिठइसके सेवन से मासिक धरà¥à¤® की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दे सकता है। अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की मछली और मछली का तेल à¤à¥€ आपके पीरियडà¥à¤¸ में उपयोगी होते हैं।
5. बादाम का सेवन
ये सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नटà¥à¤¸ फाइबर और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जो आपके हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने और नियमित पीरियडà¥à¤¸ लाने में मदद करते हैं डिलीवरी के बाद।
6. अजवाइन का पानी
डिलीवरी के बाद पीरियड लाने के उपाय में अजवाइन का पानी à¤à¥€ शामिल है। यह पानी वजन घटाने में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सहायक होता है। à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अजवाइन को रात à¤à¤° à¤à¤¿à¤—ो दे, और फिर सà¥à¤¬à¤¹ गरà¥à¤® पानी में उबालने दे। अब इस पानी को छान ले, अजवाइन के पानी को रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट अवशà¥à¤¯ पिà¤à¤‚। इससे मासिक चकà¥à¤° तो ठीक होगा, साथ ही पेट की चरà¥à¤¬à¥€ à¤à¥€ कम होगी।
7. अदरक का सेवन
अदरक के सेवन से à¤à¥€ डिलीवरी के बाद पीरियड समय पर आते है। इसके लिठआप अदरक के à¤à¤• टà¥à¤•ड़े को पानी में à¤à¥€à¤—ने के लिठरख दे। फिर 2 मिनट तक अदरक को पानी के साथ ही उबाले। इसको 1 कप रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ और रात में सोने से पहले पिà¤à¥¤ अदरक और गà¥à¤¡à¤¼ की चाय à¤à¥€ मासिक चकà¥à¤° को नियमित करने में फायदेमंद है।
8. पपीता
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पपीता नहीं खाना चाहिà¤, लेकिन पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पपीता बेहद फायदेमंद होता है। पीरियड के समय पर लाने के लिठकचà¥à¤šà¥‡ पपीते का सेवन रोजाना किया जा सकता है।
9. सौंफ का पानी
सौंफ का पानी à¤à¥€ डिलीवरी के बाद पीरियड के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। इसमें à¤à¤‚टी-इनफà¥à¤²à¥ˆà¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जो सूजन को कम करने में बहà¥à¤¤ मददगार साबित हो सकते हैं।
10. गाजर का जूस
गाजर का जूस à¤à¥€ मासिक चकà¥à¤° को नियमित करता है। गाजर में मौजूद ततà¥à¤µ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को बैलेंस करने के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माने जाते है। फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र गाजर पेट को ठीक रखने में à¤à¥€ मदद करती है।
11. अनानास
अनानास में बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥‡à¤¨ नाम का à¤à¤‚जाइम पाया जाता है। जो पीरियडà¥à¤¸ को नियमित करने में मदद करता है। अनानास को आप आसानी से अपने सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ टाइम में शामिल कर सकते हैं, साथ ही आप दिन में इसका जूस à¤à¥€ सकते हैं।
12. धनिये के बीज
धनिया के बीज अनियमित मासिक धरà¥à¤® के लिठसबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ घरेलू उपचार माना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें इमेनैगॉग (Emmenagogues) गà¥à¤£ होते हैं। Emmenagogues उस गà¥à¤£ को कहते हैं जो पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। 2 कप पानी में हरा धनिया उबालें और पानी à¤à¤• कप होने तक पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करें। अपने मासिक धरà¥à¤® से पहले कà¥à¤› दिनों पहले दिन में तीन बार ये काढ़ा छान कर पीà¤à¤‚।
13. तिल के बीज (सीसमे सीड)
तिल के बीज का सेवन à¤à¥€ पीरियडà¥à¤¸ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठकिया जा सकता है, लेकिन तिल के बीजों को केवल कम मातà¥à¤°à¤¾ में ही खाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे आपके शरीर में बहà¥à¤¤ अधिक गरà¥à¤®à¥€ पैदा कर सकते हैं।
14. समà¥à¤à¥‹à¤—
संà¤à¥‹à¤— गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को सिकोड़ने और खोलने में मदद करता है, जबकि योनि की मांसपेशियाठआराम देता है और दूसरा संà¤à¥‹à¤— के दौरान महिला के शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पीरियडà¥à¤¸ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करते है।
15. हॉट कमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸
पेट की सेंकाई से à¤à¥€ मांसपेशियों को आराम मिलता है। यह दरà¥à¤¦ को आराम देता है और जलà¥à¤¦à¥€ पीरियडà¥à¤¸ लाने में मदद कर सकता है। अपने पेट पर दिन में 2-3 बार à¤à¤• बार में लगà¤à¤— 10-15 मिनट के लिठगरà¥à¤® पानी का पैक या बोतल रखें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल :
Normal डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है?
नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी के बाद पीरियड आने का कोई à¤à¤• समय निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं है, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला का शरीर अलग होता है और उसकी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पीरियड आते हैं। अधिकतर मामलों में 2 से 3 माह में पीरियडà¥à¤¸ लौट आते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ खाने से पीरियड जलà¥à¤¦à¥€ आ जाता है?
पोषक पदारà¥à¤¥ खाने और गरà¥à¤® पानी के सेवन से पीरियडà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ आ जाते हैं, अनà¥à¤¯ लाà¤à¤•ारी पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की लिसà¥à¤Ÿ हमने ऊपर दी हà¥à¤ˆ है।
कà¥à¤¯à¤¾ डिलीवरी के बाद पहले पीरियड से सà¥à¤¤à¤¨ के दूध में कोई बदलाव आà¤à¤—ा?
हाठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बाद पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ होने पर शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं जिनका असर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• पर à¤à¥€ पड़ता है। अगर पीरियडà¥à¤¸ के दौरान कम दूध बनता है और शिशॠकम दूध पी रहा है तो समà¤à¥‡ कि यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण हो रहा है।
डिलीवरी के बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं को पीरियड देर से कà¥à¤¯à¥‚ठआता है?
à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ जो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बनाता है वो पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ में बाधा बनता है जिससे माहवारी रà¥à¤• जाती है।
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता लगेगा कि डिलीवरी के बाद पीरियड संबंधित कोई परेशानी हो रही है?
अगर डिलीवरी के बाद पीरियडà¥à¤¸ के दौरान आपको अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ हो या खून के अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकà¥à¤•े निकलें तो आपको कà¥à¤› परेशानी जरूर है, इसकी जांच किसी पारखी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कराना सही रहेगा।
इस लेख में आपने जाना कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद समय पर पीरियडà¥à¤¸ लाने के लिठघरेलू उपाय कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है यह आपके मूड पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। अगर आप बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनाव लेती है, चिंता करती है तो इसका असर आपके पीरियड पर पड़ता है। अगर आपके पीरियड पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद देर से आ रहे हैं तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह अवशà¥à¤¯ ले।
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